रायपुर। राजधानी रायपुर के जोन-7 में “नो फ्लेक्स” जोन की घोषणा सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है। जोन कमिश्नर राकेश शर्मा द्वारा जीई रोड को फ्लेक्स मुक्त क्षेत्र घोषित करने के बावजूद, सड़कों पर बेतरतीब ढंग से लगे फ्लेक्सों की भरमार इस घोषणा को हास्यास्पद बना रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह नियम केवल आम जनता के लिए ही हैं, बड़े और प्रभावशाली लोगों के लिए नियमों का कोई मायने नहीं रखते।
यह देखा जा रहा है कि राजधानी रायपुर में महापौर मीनल चौबे के जन्मदिन के मौके पर महापौर को खुश करने की होड़ लगी हुई है। इस धुन में जोन कमिश्नर से लेकर पार्टी कार्यकर्ता तक, सभी जोर-शोर से जुटे हुए हैं। फ्लेक्सों के माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज कराना और नेताओं की प्रशंसा में कसीदे पढ़ना जैसे आम बात हो गई है। इन फ्लेक्सों की तैनाती न केवल यातायात के लिए बाधा उत्पन्न कर रही है, बल्कि शहर की सुंदरता को भी धूमिल कर रही है।
जीई रोड, जो शहर का एक प्रमुख मार्ग है, पर फ्लेक्सों का यह अनियंत्रित प्रदर्शन नियमों के उल्लंघन का स्पष्ट प्रमाण है। सवाल यह उठता है कि जब नियम बनाए गए हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा? क्या प्रशासन की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी?
नागरिकों का आरोप है कि ऐसे नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि आम जनता को छोटे-छोटे नियमों का भी पालन करना सिखाया जाता है। यह दोहरा मापदंड लोगों में असंतोष पैदा कर रहा है।
इस मामले में जोन-7 प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न् लग रहे हैं। यह उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रशासन जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा और जीई रोड को वास्तव में “नो फ्लेक्स” जोन बनाएगा, न कि केवल एक खोखली घोषणा बनकर रह जाएं।
त्योहारी सीजन के बाद होगी कार्यवाही
टाटीबंध से लेकर GE रोड होते हुए तेलीबांधा तक मुख्यमार्ग को नो फ्लेक्स जोन घोषित किया गया है लेकिन ये अभी सिर्फ चेतावनी हेतु है। त्योहार के बाद इस पर कार्यवाही की जाएगी।
राकेश शर्मा
जोन 7 कमिश्नर रायपुर



