रायपुर। राजधानी रायपुर का टिकरापारा क्षेत्र इन दिनों स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। यहां नियम विरुद्ध तरीके से बनाए गए अत्यधिक ऊंचे और बेतरतीब स्पीड ब्रेकर आमजन के लिए ‘कमरतोड़’ साबित हो रहे हैं, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों के क्षतिग्रस्त होने से लेकर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तक, इन अवैध ब्रेकरों ने लोगों की जान जोखिम में डाल दी है।
अवैध निर्माण और गंभीर लापरवाही स्थानीय लोगों के अनुसार, टिकरापारा क्षेत्र की कई सड़कों पर ऐसे स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं जिनकी ऊंचाई और ढलान केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) तथा यातायात नियमों द्वारा निर्धारित मानकों से कहीं अधिक है। इन ब्रेकरों को बिना किसी इंजीनियरिंग मानक के, मनमाने ढंग से बनाया गया है, जिससे ये स्पीड कंट्रोल करने के बजाय दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
वाहनों को नुकसान और स्वास्थ्य पर असर इन ‘कमरतोड़’ ब्रेकरों से गुजरने वाले वाहनों, खासकर दोपहिया और छोटे चारपहिया वाहनों को गंभीर नुकसान हो रहा है। मोटरसाइकिल सवारों और ऑटो चालकों का कहना है कि ब्रेकर पर चढ़ते ही उनके वाहनों का निचला हिस्सा सड़क से टकरा जाता है, जिससे सस्पेंशन, टायर और अन्य पुर्जे क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल मरम्मत का अतिरिक्त खर्च बढ़ा रही है, बल्कि सड़क पर सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर रही है।
वहीं, स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी ये ब्रेकर अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो रहे हैं। इन पर से गुजरते समय लगने वाले झटके से बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। कई लोगों को कमर दर्द, पीठ दर्द और रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी इन ब्रेकरों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे मरीजों तक समय पर इलाज पहुंचने में बाधा आ सकती है।
नागरिकों की जुबानी दर्द स्थानीय निवासी राजेश साहू ने बताया, “रोजाना इन ब्रेकरों से गुजरना किसी सजा से कम नहीं है। मेरी गाड़ी का सस्पेंशन कई बार खराब हो चुका है। प्रशासन को देखना चाहिए कि ये किस तरह के ब्रेकर बनाए गए हैं, जो स्पीड कम करने के बजाय लोगों को बीमार कर रहे हैं।”
एक अन्य निवासी सुनीता बाई, जो रोजाना अपने बच्चों को स्कूल ले जाती हैं, ने कहा, “इन ब्रेकरों से बच्चों को इतना तेज झटका लगता है कि उन्हें डर लगता है। कई बार तो कमर में तेज दर्द हो जाता है। यह सरासर लापरवाही है, प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल नियमों के विरुद्ध बने इन ब्रेकरों पर स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि ऐसे अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए और मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर बनाए जाने चाहिए। हादसों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए, यह मांग अब और भी तेज हो गई है।
आम जनता ने जिला प्रशासन और नगर निगम से अपील की है कि वे इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए टिकरापारा क्षेत्र में बने इन अवैध और जानलेवा ब्रेकरों को तत्काल हटाकर नियमानुसार ब्रेकर स्थापित करें, ताकि नागरिकों को सुगम और सुरक्षित आवागमन मिल सके।



