तिलक वर्मा के ‘तिलक’ से मिली जीत
नई दिल्ली: रोमांचक मुकाबले में, भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप के फाइनल में अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर रिकॉर्ड नौवीं बार खिताब पर कब्जा जमाया। यह ऐतिहासिक पल तब और खास हो गया जब दोनों टीमें एशिया कप के 41 साल के इतिहास में पहली बार फाइनल में आमने-सामने हुईं।
गेंदबाजों के बाद बल्लेबाजों का शानदार प्रदर्शन, तिलक वर्मा बने जीत के नायक:
पहले पाकिस्तान को 146 रनों पर ऑल आउट करने के बाद, भारत को भी शुरुआत में झटके लगे। 20 रन के अंदर ही अभिषेक (5), गिल (12) और सूर्यकुमार यादव (1) पवेलियन लौट गए। ऐसे मुश्किल हालात में, 19 वर्षीय तिलक वर्मा ने धैर्य और परिपक्वता का परिचय देते हुए भारतीय पारी को संभाला। उन्होंने पहले संजू सैमसन (24) के साथ अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को संभाला, और फिर शिवम दुबे (33) के साथ मिलकर 60 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर जीत की नींव रखी। तिलक वर्मा 69 रन बनाकर नाबाद रहे और अपनी टीम को विजयी दिलाई। फहीम अशरफ पाकिस्तान के लिए सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 विकेट लिए।
हारिस रऊफ बने ‘विलेन’, पाकिस्तान की बड़ी हार का कारण:
वहीं, पाकिस्तानी गेंदबाज हारिस रऊफ को इस हार का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। उन्होंने अपने 3.4 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 50 रन लुटाए। जब भी पाकिस्तान मैच में बढ़त बनाने की स्थिति में दिखा, रऊफ के महंगे ओवरों ने भारत को दबाव से बाहर निकाला। 15वें ओवर में 17 और 18वें ओवर में 13 रन देकर उन्होंने भारतीय टीम पर से दबाव पूरी तरह हटा दिया, जिसका फायदा अंततः भारत को मिला।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढही:
इससे पहले, बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान टीम को भारतीय गेंदबाजों ने पावरप्ले में कसी हुई गेंदबाजी से बांधे रखा। इसके बावजूद, साहिबजादा फरहान 35 गेंदों में अर्धशतक ठोकने में सफल रहे और फखर के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी की। लेकिन, ओपनिंग साझेदारी टूटने के बाद, पाकिस्तानी बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह ढह गए। 84 के स्कोर पर पहला विकेट गिरने के बाद, 13वें ओवर में 113 के स्कोर पर दूसरा झटका लगा। इसके बाद, जैसे मैच का रुख ही बदल गया। कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती की स्पिन तिकड़ी ने ऐसा जाल बिछाया कि पाकिस्तानी बल्लेबाज उसमें फंसते चले गए। 113 के स्कोर से आगे केवल 33 रन जोड़कर पाकिस्तान की पूरी टीम 146 रनों पर ऑल आउट हो गई। पहले तीन बल्लेबाजों के अलावा, पाकिस्तान का कोई भी अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका।
टॉस के समय पाकिस्तानी कप्तान की ‘बेइज्जती’ पर चर्चा:
मैच से पहले टॉस के समय एक अजीब वाकया देखने को मिला, जिसने क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना दिया। पूर्व भारतीय हेड कोच और कमेंटेटर रवि शास्त्री ने टॉस के समय पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा से बात करने की जहमत नहीं उठाई। वकार युनिस ने ही उनसे सवाल पूछे। क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार देखा गया जब टॉस के समय दो प्रजेंटर मौजूद रहे और उनमें से एक ने कप्तान से बातचीत नहीं की।
इस जीत के साथ, भारतीय टीम ने अपना एशिया कप का दबदबा कायम रखते हुए नौवीं बार यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है।



