Home छत्तीसगढ़ देवभोग में नवीन भगत के खिलाफ पत्रकारों का हल्लाबोल: ‘ब्लैकमेलर’ बताए जाने...

देवभोग में नवीन भगत के खिलाफ पत्रकारों का हल्लाबोल: ‘ब्लैकमेलर’ बताए जाने से नाराज पत्रकारों ने किया धरना प्रदर्शन, जांच और कार्रवाई की मांग

44
0

देवभोग। आदिवासी विकास विभाग द्वारा स्कूलों में स्वीकृत शौचालयों के निर्माण में अनियमितता और मरम्मत कार्यों में भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले देवभोग के पत्रकार आज सड़क पर उतर आए। पत्रकारों ने तत्कालीन सहायक आयुक्त नवीन भगत पर उन्हें ‘ब्लैकमेलर’ और ‘भयादोहन’ करने वाला बताकर बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने नवीन भगत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उक्त कार्यों की जांच और उन पर कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, यह मामला आदिवासी विकास विभाग द्वारा स्कूलों में स्वीकृत शौचालयों का निर्माण न करने और मरम्मत कार्यों में किए गए भ्रष्टाचार से जुड़ा है। देवभोग के पत्रकारों ने पखवाड़े भर पहले इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद, पत्रकारों का आरोप है कि तत्कालीन सहायक आयुक्त नवीन भगत ने अपने “मित्र पत्रकार” का सहारा लेकर खबर प्रकाशित करने वाले संवाददाताओं को ‘ब्लैकमेलर’ और ‘भयादोहन’ करने वाला बताकर, उन्हें डराने और उनकी आवाज़ दबाने की निंदनीय कोशिश की।
इस घटना से नाराज होकर आज देवभोग के पत्रकार सड़क पर उतरे और नवीन भगत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। धरने के दौरान पत्रकारों ने नवीन भगत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “शौचालय बनाना होगा, भ्रष्टाचार मरम्मत की जांच करनी होगी” और “पत्रकार एकता जिंदाबाद” जैसे नारे बुलंद किए गए। कुछ पत्रकारों ने ‘नवीन भगत के दलालों को जूता मारो सालों को’ जैसे तीखे नारे भी लगाए, जो उनके आक्रोश को दर्शाता था।
धरना प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष टेकलाल प्रधान, जिला महासचिव कन्हैया तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष आदित्य बेहरा, जिला सचिव विपिन सोनवानी, गिरीश सोनवानी, लतीफ मोहम्मद, टीकम निषाद, देशबंधु नेताम, सतीश दौरा, नीलेश डोंगरे और राधेश्याम यादव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
जिला अध्यक्ष टेकलाल प्रधान ने इस मौके पर कहा, “शिक्षा विभाग से स्वीकृत शौचालयों का निर्माण न होने और मरम्मत कार्यों में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत के आधार पर देवभोग के पत्रकारों ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थीं, जो पूरी तरह सही थीं। लेकिन तत्कालीन सहायक आयुक्त नवीन भगत ने अपने मित्र पत्रकार का सहारा लेकर संवाददाताओं को ब्लैकमेलर और भयादोहन करने की बात कहकर डराने और पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की कोशिश की, जो अत्यंत निंदनीय है।” उन्होंने आगे कहा, “हम इन कार्यों की तत्काल जांच और पत्रकारों को बदनाम करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।”
जिला महासचिव कन्हैया तिवारी ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “आए दिन पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। जब पत्रकार किसी भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं, तो उन्हें ब्लैकमेलर या भयादोहन करने वाला बताकर उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की जाती है, जो पूरी तरह गलत है।” उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की, ताकि पत्रकार बिना किसी भय के भ्रष्टाचार को उजागर कर सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here