Home धर्म वास्तु शास्त्र के अनुसार सावन में इन 5 स्थानों पर जलाएं दीपक

वास्तु शास्त्र के अनुसार सावन में इन 5 स्थानों पर जलाएं दीपक

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सनातन धर्म में सावन माह का बहुत खास महत्व है। 11 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है। सावन माह भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में भगवान शिव का पूजन किया जाता है और शिवलिंग का भव्य अभिषेक होता है। इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि भगवान शिव के सामने सरसों के तेल का दीया कलावे की बत्ती से जलाने से भगवान शिव की विशेष कृपा बरसती है। मान्यता है कि सावन के दौरान जहां एक ओर सुबह के समय शिव जी के आगे दीपक जलाना चाहिए तो वहीं, रात या शाम के समय ऐसे 5 स्थान है, जहां सरसों के तेल का दीया जलाना शुभ सिद्ध हो सकता है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

किसी भी शिव मंदिर में जलाएं दीपक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सावन के पहले दिन किसी भी शिव मंदिर में जाकर दीया अवश्य जलाना चाहिए। इससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और उनका आशीर्वाद आप पर बना रहता है।

घर की पूर्व दिशा में जलाएं दीपक
सावन के पहले दिन घर की पूर्व दिशा में दीया अवश्य जलाना चाहिए क्योंकि पूर्व दिशा में सभी देवी-देवताओं और ग्रहों की ऊर्जा समाहित है। ऐसे में इस दिशा में दीया जलाने से भाग्य का साथ मिलता है।

नंदी के समक्ष जलाएं दीपक
नंदी को न सिर्फ भगवान शिव का वाहन माना जाता है बल्कि भगवान शिव के परम भक्त और उनके बहुत प्रिय भी हैं नंदी। ऐसे में नंदी के सामने सावन के पहले दिन दीया जलाने से भक्ति का संचार होता है।

घर के मंदिर में शिव परिवार के समक्ष
घर के पूजा स्थल में भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमा के सामने दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पारिवारिक कलह शांत होते हैं।

बेलपत्र के पौधे के समक्ष जलाएं दीपक
बेलपत्र का पौधा भगवान शिव को पसंद है और बेलपत्र की पत्तियों में मां लक्ष्मी का वास माना गया है। ऐसे में बेलपत्र के पौधे के पास सावन के पहलेदिन दीया जलाने से घर में धन-धान्य बढ़ता है।

मुख्य द्वार पर दीपक
सावन के सोमवार को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और घर में शांति तथा लक्ष्मी का वास होता है। खासकर शाम के समय दीपक जलाकर उसकी लौ को अंदर की ओर रखें।

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